चीन ने एक बार फिर अपनी विस्तारवादी नीति का सबूत दिया है। जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी (Shaksgam Valley) में चल रहे अवैध निर्माण पर भारत की आपत्ति के बाद, चीन ने अब इस इलाके को अपना ही हिस्सा बता दिया है। यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि $60 बिलियन का एक ऐसा जाल है जो भारत की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। जानिए पूरा मामला आसान भाषा में 👇 📌 ताजा विवाद क्या है? ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीनी विदेश मंत्रालय (माओ निंग) ने दावा किया है कि शक्सगाम घाटी चीन का हिस्सा है और वहां इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना उनका अधिकार है। यह बयान तब आया है जब भारत ने इस इलाके में चीन के अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी। 📌 इतिहास: यह जमीन चीन के पास कैसे गई? यह इलाका भारत का अभिन्न अंग है, लेकिन: 1️⃣ 1948 में पाकिस्तान ने इस पर अवैध कब्जा किया। 2️⃣ 1963 में पाकिस्तान ने 'दोस्ती' के नाम पर यह भारतीय जमीन चीन को गिफ्ट कर दी (सीमा समझौता)। आज चीन इसी 1963 के समझौते की दलील देकर अपने कब्जे को सही ठहरा रहा है। 📌 CPEC: चीन का असली 'Game Plan' चीन यहां से China-Pakistan Economic Cor...
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