सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

News

 ईरान में लगातार तीसरे हफ्ते जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने देश को संबोधित किया। उन्होंने दंगाइयों को समाज को नुकसान न पहुँचाने की चेतावनी दी और अमेरिका व इजरायल पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया। पेजेशकियान ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की बात सुनेगी, लेकिन हिंसा करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इजरायल ने ईरान के लोगों के 'स्वतंत्रता संघर्ष' का समर्थन किया है।ईरान में लगातार तीसरे हफ्ते जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने देश को संबोधित किया। उन्होंने दंगाइयों को समाज को नुकसान न पहुँचाने की चेतावनी दी और अमेरिका व इजरायल पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया। पेजेशकियान ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की बात सुनेगी, लेकिन हिंसा करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इजरायल ने ईरान के लोगों के 'स्वतंत्रता संघर्ष' का समर्थन किया है।1. राष्ट्रपति पेजेशकियान ने दंगाइयों को समाज को नुकसान न पहुँचाने की चेतावनी दी।

2. अमेरिका और इजरायल पर ईरान में अशांति फैलाने का आरोप लगाया।


3. इजरायल ने ईरान के लोगों के 'स्वतंत्रता संघर्ष' का समर्थन किया।डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान में लगातार तीसरे हफ्ते भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। बढ़ती महंगाई और आर्थिक हालात को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने देश को संबोधित किया है। उन्होंने दंगाइयों पर सख्त टिप्पणी करते हुए अमेरिका और इजरायल पर अशांति फैलाने के आरोप लगाए।'लोगों को सरकार पर भरोसा रखना चाहिए'


पेजेशकियान ने कहा, "ईरान की जनता को दंगाइयों को समाज में अव्यवस्था फैलाने नहीं देना चाहिए। लोगों को भरोसा रखना चाहिए कि सरकार न्याय स्थापित करना चाहती है।" उन्होंने आम नागरिकों से दंगाइयों से दूरी बनाए रखने की अपील की।


ईरान के राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ईरान में दंगे भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि 12 दिन के युद्ध के बाद ईरान के दुश्मन देश में अराजकता और अव्यवस्था फैलाना चाहते हैं।'दंगाई और आतंकी समाज को तोड़ना चाहते हैं"


राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों की बात सुनेगी, लेकिन जो लोग हिंसा कर रहे हैं, वे पूरे समाज को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने दंगाइयों को 'आतंकीतत्व' बताया।


इजरायल का बयान


इस बीच, इजरायल के विदेश मंत्री ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इजरायल ईरान के लोगों के 'स्वतंत्रता के संघर्ष' का समर्थन करता है। ईरान सरकार ने इस बयान को भी बाहरी हस्तक्षेप के तौर पर देखा है।विज्ञापन हटाएं


राज्य टीवी के मुताबिक, राष्ट्रपति पेजेशकियान रविवार को एक इंटरव्यू में देश की आर्थिक स्थिति, सब्सिडी सुधार योजना और लोगों की मांगों पर विस्तार से बात करेंगे। यह इंटरव्यू बाद में IRIB पर प्रसारित किया जाएगा।


ईरान में बद से बदतर हालात


ईरान में महंगाई और जीवन यापन की बढ़ती लागत को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शनअब राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय तनाव का रूप लेते जा रहे हैं। हालात पर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर बनी हुई है।


ऐप में पढ़े


हाई अलर्ट पर इजरायल


ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और इजरायल की चिंता बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ईरान पर सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसके चलते इजरायल ने खुद को हाई अलर्ट पर रखा है।राशिफल


वि


रॉयटर्स के मुताबिक, इजरायल में हालात को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। सूत्रों ने बताया कि अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई को देखते हुए इजरायल ने तैयारी बढ़ा दी है। हालांकि, सूत्रों ने यह साफ नहीं किया कि हाई अलर्ट का मतलब जमीनी स्तर पर क्या कदम हैं।


नेतन्याहू और अमेरिका के बीच बातचीत


रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में ईरान में अमेरिकी दखल की संभावना पर चर्चा की गई।


रॉयटर्स ने बताया कि यह मुद्दा सप्ताहांत में हुई इजरायली सुरक्षा बैठकों में भी उठा। हालांकि, अधिकारियों ने इस बारे में ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया।


ट्रंप की ईरान को चेतावनी


इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियो #हिन्दीन्यूज़ #topnews #brekingnew 🖼️🖼️ 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ओडिशा के मलकानगरी जिले मे सोमवार तड़के बड़ी हिंसा भड़क गई जब हाथियार बंद आदिवासी भीड़ ने बंगला देशी मूल के लोगों को एमवी-26 गांव पर हमला कर दिया,

 आदिवासियों ने जलाये बंगलादेशियों के करीब 150 घर,, ओडिशा के मलकानगरी जिले मे सोमवार तड़के बड़ी हिंसा भड़क गई जब हाथियार बंद आदिवासी भीड़ ने बंगला देशी मूल के लोगों को एमवी-26 गांव पर हमला कर दिया, और करीब 150 घरों को आग के हवाले कर दिया, यह हमला एक लापता आदिवासी महिला लेक पदियामी (51) का सर कटा शव मिलने के बाद हुआ, महिला का शव पास के राखलगुड़ा गांव मे नदी के किनारे मिला, जिसके बाद स्थानीय आदिवासी समुदाय मे भारी अक्रोश फैल गया,, आदिवासियों ने आरोपियों की जल्दि गिरफ्तारी और महिला के कटे सर की तलाश करने की मांग की है, प्रदर्शन कारियों का आरोप है, की एमवी-26 गांव के सुका रंजन मण्डल ने संपत्ति विवाद के चलते महिला की हत्या की, इसके बाद हजारों की भीड़ हथियारों के साथ एमवी-25इलाके मे जमा हो गई और हालात विगड़ गये,

भाजपा शासित राज्यों में ही अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई क्यों हो रही है....?

 #गुजरात के कच्छ के कांडला पोर्ट के बगल में 80 के दशक में बाहर से आए #मुस्लिम समुदाय जो कांडला पोर्ट पर मजदूरी करने के लिए आए थे और वही समुद्र के किनारे अवैध रूप से झोपड़ी बनाकर रहने लगे ...! फिर देखते ही देखते 100 एकड़ की वेटलैंड की जमीन पर उन लोगों ने कब्जा कर लिया ! और वहां मैंग्रोव के जंगल काट दिए और समुद्र में मिट्टी डालकर कब्जा करते रहे, इस 100 एकड़ की जमीन पर उन्होंने चार मस्जिद दो मदरसे मतलब की एक पूरा शहर बना लिया ! उसके बाद से जब कई हजार करोड़ के ड्रग्स इसी बस्ती में उतारे गए तब गुजरात सरकार के कान खड़े हो गए की समुद्र के किनारे बनी ये अवैध बस्ती तो गुजरात ही नहीं बल्कि देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी है! 1000 पुलिस बल की मौजूदगी में 24 घंटे लगातार चली बुलडोजर कार्रवाई के बाद सारा मलबा समुद्र में बहा दिया गया और 100 एकड़ की बेशकीमती ढाई सौ करोड़ की जमीन जो समुद्र का वेट लैंड है उसे खाली कराया गया! और अब यहां पर फिर से मैंग्रोव की प्लाटिंग की जाएगी, भाजपा शासित राज्यों में ही अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई क्यों हो रही है....? विपक्ष शासित राज्यों में अवैध अतिक्रमणकारियों पर...

जम्मू कश्मीर ( केंद्र शासित प्रदेश )

  यह लेख जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के बारे में है। जम्मू और कश्मीर राज्य के लिए,   जम्मू और कश्मीर   देखें। जम्मू और कश्मीर  ( कश्मीरी :  جۆم تہٕ کٔشیٖر ,  अंग्रेज़ी :  Jammu and Kashmir )  भारत  का एक  केन्द्र-शासित प्रदेश  है। यह  भारत  के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित है, और  कश्मीर  के बड़े क्षेत्र का भाग है, जो 1947 से भारत, पाकिस्तान और चीन के बीच विवाद का विषय रहा है। [ 11 ] [ 12 ]   नियंत्रण रेखा  क्रमशः जम्मू और कश्मीर को पश्चिम और उत्तर में पाक अधिकृत कश्मीर और  गिलगित-बल्तिस्तान  के पाकिस्तान प्रशासित क्षेत्रों से अलग करती है। यह भारतीय राज्यों  हिमाचल प्रदेश  और  पंजाब  के उत्तर में और भारत के केंद्र शासित प्रदेश  लद्दाख़  के पश्चिम में स्थित है।