भारत की नई 'तीसरी आंख': अंतरिक्ष से ही देख लेगी झाड़ियों में छिपा दुश्मन! जानिए 'अन्वेषा' की ताकत 🛰️✨ भारत रक्षा तकनीक में एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। DRDO ने तैयार किया है '
🇮🇳 भारत की नई 'तीसरी आंख': अंतरिक्ष से ही देख लेगी झाड़ियों में छिपा दुश्मन! जानिए 'अन्वेषा' की ताकत 🛰️✨
भारत रक्षा तकनीक में एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। DRDO ने तैयार किया है 'अन्वेषा' (EOS-N1) सैटेलाइट, जिसे भारत का 'सुपर विजन' कहा जा रहा है। यह सिर्फ एक सैटेलाइट नहीं, बल्कि सीमा सुरक्षा का एक अभेद्य कवच है।
अन्वेषा सैटेलाइट की 5 बड़ी खासियतें जो आपको जाननी चाहिए:
भारत रक्षा तकनीक में एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। DRDO ने तैयार किया है 'अन्वेषा' (EOS-N1) सैटेलाइट, जिसे भारत का 'सुपर विजन' कहा जा रहा है। यह सिर्फ एक सैटेलाइट नहीं, बल्कि सीमा सुरक्षा का एक अभेद्य कवच है।
1. 600 किमी ऊपर से सटीक नजर: यह सैटेलाइट धरती से 600 किलोमीटर ऊपर 'सन-सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट' (SSO) में तैनात होगा और वहां से बारीक से बारीक &इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO), 2026 के पहले ऑर्बिटल मिशन की लॉन्चिंग सफलतापूर्वक हो गई लेकिन सैटेलाइट तैनात नहीं हो सका. PSLV-C62 रॉकेट श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया था. यह मिशन सतीश धवन स्पेस सेंटर के फर्स्ट लॉन्च पैड से उड़ान भरा था. इस मिशन का मुख्य हिस्सा EOS-N1 अन्वेषा था, जो डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन द्वारा विकसित एक हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट है. अन्वेषा सैटेलाइट एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन एप्लीकेशन के लिए डिज़ाइन किया गया था 😃😃.

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