नालंदा भारत के बिहार प्रान्त का एक जिला है नालंदा जिला मगध का क्षेत्र हैं इस क्षेत्र के लोग मगही बोलते हैं जिसका मुख्यालय बिहार शरीफ है। [1][2] नालंदा अपने प्राचीन् इतिहास के लिये विश्व में प्रसिद्ध है। यहाँ विश्व कि सबसे प्राचीन् नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष आज भी मौज़ूद है, जहाँ सुदूर देशों से छात्र अध्ययन के लिये भारत आते थे।
नालन्दा ज़िला
राज्य
बिहार
भारत
प्रभाग
पटना मंडल
मुख्यालय
बिहार शरीफ
क्षेत्रफल
2,355 कि॰मी2 (909 वर्ग मील)
जनसंख्या
28,77,653 (2011)
जनघनत्व
1,222/किमी2 (3,160/मील2)
साक्षरता
66.41 (M=77.11; F=54.76)
लिंगानुपात
922 (2011)
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र
नालंदा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र
राजमार्ग
NH 31, NH 30A, NH 82, NH 110
आधिकारिक जालस्थल
बुद्ध और महावीर कई बार नालन्दा में ठहरे थे। माना जाता है कि महावीर ने मोक्ष की प्राप्ति पावापुरी में की थी, जो नालन्दा जिला में स्थित है। बुद्ध के प्रमुख छात्रों में से एक, शारिपुत्र, का जन्म नालन्दा में हुआ था।
नालंदा पूर्व में अस्थामा तक पश्चिम में तेल्हारा तक दक्षिण में गिरियक तक उत्तर में हरनौत तक फैला हुआ है।
विश्व के प्राचीनतम् विश्वविद्यालय के अवशेषों को अपने आंँचल में समेटे नालन्दा बिहार का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहाँ पर्यटक विश्वविद्यालय के अवशेष, संग्रहालय, नव नालंदा महाविहार तथा ह्वेनसांग मेमोरियल हॉल देखने आते हैं। इसके अलावा इसके आस-पास में भी भ्रमण (घूमने) के लिए बहुत से पर्यटक स्थल है। राजगीर, पावापुरी, गया तथा बोध-गया यहां के नजदीकी पर्यटन स्थल हैं। प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने 7वीं शताब्दी में यहाँ जीवन का महत्त्वपूर्ण एक वर्ष एक विद्यार्थी और एक शिक्षक के रूप में व्यतीत किया था। भगवान बुद्ध ने सम्राट अशोक को यहाँ उपदेश दिया था। भगवान महावीर भी यहीं रहे थे। प्रसिद्ध बौद्ध सारिपुत्र का जन्म यहीं पर हुआ था।
नालंदा में राजगीर में कई गर्म पानी के झरने है, इसका निर्माण् बिम्बिसार ने अपने शासन काल में करवाया था, राजगीर नालंदा का मुख सहारे है, ब्रह्मकुण्ड, सरस्वती कुण्ड और लंगटे कुण्ड यहाँ पर है, कई विदेशी मन्दिर भी है यहाँ चीन का मन्दिर, जापान का मन्दिर आदि। नालंदा जिले में जामा मस्जिद भी है जॊ कि बिहार शरीफ में पुल पर स्थित है। यह बहुत ही पुराना और विशाल मस्जिद है।
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